Vishuddha Manu Smriti By Aarya Samaj

(1 customer review)

₹400.00

🔒
100% Secure Prepaid Payment
Pay safely online & save on extra charges. (COD not available)
UPI Paytm PhonePe Cards Net Banking
📖
100% Original
Genuine Gita Press print
🚚
Pan-India Shipping
Safe & well-packed
💬
WhatsApp Support
Real human help
Help??
✅
Authentic GuaranteeDirectly sourced, never duplicate
📦
Careful PackagingBubble-wrapped so pages stay crisp
🔁
Damage ReplacementReport within 48 hrs with unboxing video
₹
Free Delivery Above Purchase of ₹499No surprise charges at checkout

मनुस्मृति हिन्दू धर्म का एक प्राचीन धर्मशास्त्र (स्मृति) है यह 1776 में अंग्रेजी में अनुवाद करने वाले पहले संस्कृत ग्रंथों में से एक था, ब्रिटिश फिलॉजिस्ट सर विलियम जोंस द्वारा, और ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के लाभ के लिए हिंदू कानून का निर्माण करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। मनुस्मृति में कुल 12 अध्याय हैं जिनमें 2684 श्लोक हैं। कुछ संस्करणों में श्लोकों की संख्या 2964 है।

इसकी गणना विश्व के ऐसे ग्रन्थों में की जाती है, जिनसे मानव ने वैयक्तिक आचरण और समाज रचना के लिए प्रेरणा प्राप्त की है। इसमें प्रश्न केवल धार्मिक आस्था या विश्वास का नहीं है। मानव जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति, किसी भी प्रकार आपसी सहयोग तथा सुरुचिपूर्ण ढंग से हो सके, यह अपेक्षा और आकांक्षा प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति में होती है। विदेशों में इस विषय पर पर्याप्त खोज हुई है, तुलनात्मक अध्ययन हुआ है और समालोचनाएँ भी हुई हैं। हिन्दु समाज में तो इसका स्थान वेदत्रयी के उपरान्त हैं। मनुस्मृति की पचासों पाण्डुलिपियाँ प्राप्त हुईं हैं। कालान्तर में बहुत से प्रक्षेप भी स्वाभाविक हैं। साधारण व्यक्ति के लिए यह सम्भव नहीं है कि वह बाद में सम्मिलित हुए अंशों की पहचान कर सके। कोई अधिकारी विद्वान ही तुलनात्मक अध्ययन के उपरान्त ऐसा कर सकता है।

Additional information

Weight 1500 g
Dimensions 27 × 25 × 4 cm

1 review for Vishuddha Manu Smriti By Aarya Samaj

  1. Tejasvi Mahajan (verified owner) –

Add a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like…